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Kabirdas Ke Dohe: कबीरदास के दोहे वीथ हिंदी मीनिंग

कबीर के दोहे मन के हारे हार है, मन के जीते जीत कहे कबीर गुरु पाइये, मन ही के परतीत..!! अर्थ : इस दोहे में कबीर यह समझाना चाहते है कि आपके मन की शक्ति ही आपका जीत या हार सुनिश्चित करती है। यदि आप मन से उत्साह पूर्वक जीत का अनुभव करते हैं, तो अवश्य ही आपकी जीत होगी। और …

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कबीरदास का दोहा हिंदी अर्थ सहित: Kabir Ke Dohe With Meaning in Hindi Language

कबीर दास के दोहे प्रेम-प्रेम सब कोई कहै, प्रेम ना चिन्है कोई जा मारग हरि जी मिलै, प्रेम कहाये सोई..!! अर्थ : सभी लोग प्रेम-प्रेम बोलते और कहते हैं, परंतु प्रेम के वास्तविक अर्थ को कोई नहीं जानता है। जिस मार्ग पर प्रभु का दर्शन हो जाये, वास्तव में वही प्रेम का सही मार्ग…

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